7 साल: इश्क़ नहीं, बर्बादी के!

7 साल पहले इत्तेफ़ाक से…मैं मिला उस नापाक से,बात हुई, मुलाक़ात हुई,और उसने इज़हार किया,हाँ, मैं भी हैरान था कि उसने इज़हार किया,मैंने हल्के मैं लिया बात को,हावी न होने दिया ज़ज्बात को… लेकिन उसने कहा,“मैं बाक़ी लड़कियों जैसी नहीं,धोखा देके छोड़ दूॅंगी ऐसी नहीं,तुम्हें मेरी वजह से कभी दुःख के ऑंसू न होंगे येContinue reading “7 साल: इश्क़ नहीं, बर्बादी के!”