जो दिमाग़ी कच्चे हैं उन्हें लगता है कि हम सबको पकाते हैंमग़र हमारी ग़ैर-हाज़िरी में वे ख़ुद हमारे बारे में बतियाते हैंअसल में हम वाहियात बातें नहीं करते उनके मनोरंजन कीवे ठण्डक देते हैं अपनी तशरीफ़ को जिसको ख़ुद जलाते हैं जलन नाम की एक बुरी आदत होती हैकिसी कमतर को हमसे नफ़रत होती हैतभीContinue reading “•बुरे लोग बुराई करते हैं•”
Category Archives: मेरा लेखन
अब तक न हमें समझ पाए तुम
या कुछ ज़्यादा रहा या रहा कमएक यह भी हमें सता गया ग़मअब तक न हमें समझ पाए तुमअब तक न तुम्हें समझ पाए हम
•पिता•
वे पसीने से तरबतरसर से पाँव तलकसुकून उनके साथधूप से छाॅंव तलककई यादें उनके साथशहर से गाॅंव तलक वे मन ही मन सहते हैंहमसे न कुछ कहते हैं ये कैसा रिश्ता-नाता हैये कौन समझ पाता है दायित्वों के बोझ तलेउनकी हर शाम ढले अपने कई सपने रह जाते हैंख़ुद ढॅंग से जी नहीं पाते हैंपिताContinue reading “•पिता•”
•मैं शायर हूॅं, मैं हर लफ़्ज़ में रहूॅंगा•
दिल में रहूॅंगा, जिगर में रहूॅंगाजिधर तू रहेगी उधर मैं रहूँगातेरे नैन में रहूॅंगा, तेरे नक्श में रहूॅंगातू जहाॅं भी रहे, तेरे अक्स में रहूॅंगाज़र्रे-ज़र्रे में रहूॅंगा इस कायनात केमैं शायर हूॅं, मैं हर लफ़्ज़ में रहूॅंगा मैं रहूँगा सब कुछ होने परमैं रहूँगा सब कुछ खोने परचाहे आबाद रहूॅंगाचाहे बर्बाद रहूॅंगा मेरे बाद भीContinue reading “•मैं शायर हूॅं, मैं हर लफ़्ज़ में रहूॅंगा•”
“Cheaper is everywhere but worthy is rare.”
“सस्ता सुलभ है, अनमोल दुर्लभ है।“ Everything that is readily accessible to all tends to lose its perceived value, whereas scarcity often enhances its worth. This applies to everything, whether a person, place, or thing. In short, “cheaper is everywhere but worthy is rare.” सस्ता सुलभ है, अनमोल दुर्लभ है। आइये इसे विस्तार से समझें।Continue reading ““Cheaper is everywhere but worthy is rare.””
इश्क़ से इबादत तक:
निजी प्रेम से देशभक्ति तक
जो आबाद कर दूँ तुमको तो मोहब्बत समझ लेनाजो बर्बाद कर दूँ तुमको तो नफ़रत समझ लेना दिल दूॅंगा तुमको तो दिल लूॅंगा तुमसे याद रखनादिल देके दिल लूॅंगा दिल को अमानत समझ लेना सबके पास बहाना है किसी न किसी काम के नामकभी भी मिला करूॅं तुमसे अहमियत समझ लेना हम से ज़्यादा तोContinue reading “इश्क़ से इबादत तक:
निजी प्रेम से देशभक्ति तक”
नया जन्म ले आऊॅंगा
(The BornFighter का सॅंकल्प) सॅंघर्ष चाहे कितना भी रहा मेरे जीवन मेंजुझता रहा कोई पाप न रखा मैंने मन मेंनासमझ था, असहज था, मैं रूऑंसा थाक्योंकि ग्रहण लग गया था मेरे बचपन में मेरी अनसुनी कहानी से लोग अंजान हैअभी गुमनाम हूॅं, मेरी न कोई पहचान हैआज भी ईमान वाला हूॅं कुछ को पता हैचाहेContinue reading “नया जन्म ले आऊॅंगा”
फ़ोटो खिंचवाने के लिए लालायित
मैंने अपने आसपास के लोगों लोगों की एक विशेष प्रवृति का अवलोकन किया है कि ये लोग सदा उनके साथ फ़ोटो खिंचवाने के लिए लालायित रहते हैं जो लोग इन्हें नहीं जानते, या जानते हैं तो ये उनके चाटुकार होते हैं। किन्तु ऐसे लोग जिनके साथ में फ़ोटो खिंचवाना चाहिए उन्हें यह लोग योग्य नहींContinue reading “फ़ोटो खिंचवाने के लिए लालायित”
The BornFighter-I: The Solar Eclipse
🎙️ आओ, सुनाऊॅं एक अनसुनी कहानी… “The Unknown and Unheard” The BornFighter-I: The Solar Eclipse अध्याय (Chapter) 1: ग्रहण का आरंभ (The Beginning of the Eclipse) The Unknown and Unheard: The BornFighter-I |Season 1, Chapter 1, Episode 3 Episode 3 अस्पताल में दूसरा दिन: बच्चे ने अपने दादाजी के हाथ पर देखा कि नस परContinue reading “The BornFighter-I: The Solar Eclipse”
प्रवासी: अर्थव्यवस्था में श्रम के ‘कुबेर’
मधुमक्खियाँ और भँवरे पौधों में परागण की प्रक्रिया में सबसे महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। वे फूलों से रस (Nectar) लेते समय पराग कणों को एक फूल से दूसरे फूल तक पहुँचाते हैं। दुनिया की लगभग एक-तिहाई खाद्य फसलें, जैसे फल, सब्जियाँ, मेवे (nuts) और बीज, परागण के लिए मधुमक्खियों पर निर्भर हैं।इनके बिना कई जंगलीContinue reading “प्रवासी: अर्थव्यवस्था में श्रम के ‘कुबेर’”
मैं पल दो पल का शायर नहीं
मैं पल दो पल का शायर नहीं न पल दो पल की मेरी कहानी है मैं तो अक्सर अपनी मौज में मस्त रहता हूॅं जैसे बहता पानी है
High-quality man
Scarce qualities of a high-quality man: 1. Lust controlled. 2. Hunger controlled. 3. Sleep controlled. 4. No smoking, alcohol, supari, or tobacco/gutkha habits. 5. Live like the king of a virgin queen, not a puppet of a whore, or stay proudly alone like a king without marriage. A queen always treats her husband like aContinue reading “High-quality man”
7 साल: इश्क़ नहीं, बर्बादी के!
7 साल पहले इत्तेफ़ाक से…मैं मिला उस नापाक से,बात हुई, मुलाक़ात हुई,और उसने इज़हार किया,हाँ, मैं भी हैरान था कि उसने इज़हार किया,मैंने हल्के मैं लिया बात को,हावी न होने दिया ज़ज्बात को… लेकिन उसने कहा,“मैं बाक़ी लड़कियों जैसी नहीं,धोखा देके छोड़ दूॅंगी ऐसी नहीं,तुम्हें मेरी वजह से कभी दुःख के ऑंसू न होंगे येContinue reading “7 साल: इश्क़ नहीं, बर्बादी के!”

You must be logged in to post a comment.