•बुरे लोग बुराई करते हैं•

जो दिमाग़ी कच्चे हैं उन्हें लगता है कि हम सबको पकाते हैंमग़र हमारी ग़ैर-हाज़िरी में  वे ख़ुद हमारे बारे में बतियाते हैंअसल में हम वाहियात बातें नहीं करते उनके मनोरंजन कीवे ठण्डक देते हैं अपनी तशरीफ़ को जिसको ख़ुद जलाते हैं जलन नाम की  एक बुरी  आदत होती हैकिसी कमतर को  हमसे नफ़रत होती हैतभीContinue reading “•बुरे लोग बुराई करते हैं•”

अज्ञानी से निर्मोही तक: एक आध्यात्मिक यात्रा

अनुक्रमणिका:- प्रवेश: भूमिका (अज्ञानी से निर्मोही तक का सार) प्रथम चरण: अज्ञान (भौतिक सुखों का भोग)अध्याय १: अज्ञान का स्वरूप और उसकी मिठास।अध्याय २: इन्द्रियों का जाल और क्षणभंगुर सुख। द्वितीय चरण: ज्ञान (एकांत और अंतर्मुखता का उदय)अध्याय ३: जब सत्य से सामना होता है।अध्याय ४: भीड़ में अकेलापन और भीतर की खोज। तृतीय चरण:Continue reading “अज्ञानी से निर्मोही तक: एक आध्यात्मिक यात्रा”