अब तक न हमें समझ पाए तुम

या कुछ ज़्यादा रहा  या रहा कमएक यह भी  हमें  सता गया ग़मअब तक न  हमें समझ पाए तुमअब तक न तुम्हें समझ पाए हम

•पिता•

वे पसीने से तरबतरसर  से  पाँव तलकसुकून  उनके साथधूप से छाॅंव तलककई यादें उनके साथशहर से  गाॅंव तलक वे मन ही मन सहते हैंहमसे न कुछ कहते हैं ये कैसा रिश्ता-नाता हैये कौन समझ पाता है दायित्वों के बोझ तलेउनकी  हर शाम ढले अपने कई सपने रह जाते हैंख़ुद ढॅंग से  जी नहीं पाते हैंपिताContinue reading “•पिता•”

•मैं शायर हूॅं, मैं हर लफ़्ज़ में रहूॅंगा•

दिल में रहूॅंगा, जिगर में रहूॅंगाजिधर तू रहेगी उधर मैं रहूँगातेरे नैन में रहूॅंगा, तेरे नक्श में रहूॅंगातू जहाॅं भी रहे,  तेरे अक्स में रहूॅंगाज़र्रे-ज़र्रे में रहूॅंगा  इस  कायनात केमैं शायर हूॅं,  मैं  हर लफ़्ज़ में रहूॅंगा मैं रहूँगा सब कुछ  होने परमैं रहूँगा सब कुछ खोने परचाहे आबाद रहूॅंगाचाहे  बर्बाद रहूॅंगा मेरे बाद  भीContinue reading “•मैं शायर हूॅं, मैं हर लफ़्ज़ में रहूॅंगा•”

इश्क़ से इबादत तक:
निजी प्रेम से देशभक्ति तक

जो आबाद कर दूँ तुमको तो मोहब्बत समझ लेनाजो   बर्बाद कर दूँ तुमको तो   नफ़रत समझ लेना दिल दूॅंगा तुमको तो  दिल लूॅंगा  तुमसे याद रखनादिल देके दिल लूॅंगा दिल को अमानत समझ लेना सबके पास बहाना है किसी न किसी काम के नामकभी भी मिला करूॅं  तुमसे अहमियत समझ लेना हम से ज़्यादा तोContinue reading “इश्क़ से इबादत तक:
निजी प्रेम से देशभक्ति तक”

नया जन्म ले आऊॅंगा

(The BornFighter का सॅंकल्प) सॅंघर्ष चाहे कितना भी रहा  मेरे जीवन मेंजुझता रहा  कोई पाप न रखा मैंने मन मेंनासमझ था, असहज था, मैं रूऑंसा थाक्योंकि ग्रहण लग गया था  मेरे बचपन में मेरी अनसुनी कहानी से  लोग अंजान हैअभी गुमनाम हूॅं, मेरी न कोई पहचान हैआज भी ईमान वाला हूॅं कुछ को पता हैचाहेContinue reading “नया जन्म ले आऊॅंगा”

मैं पल दो पल का शायर नहीं

मैं पल दो पल का शायर नहीं न पल दो पल की मेरी कहानी है मैं तो अक्सर अपनी मौज में मस्त रहता हूॅं  जैसे बहता पानी है